केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना के लिए आशय पत्र प्रदान किए

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 7 हवाई अड्डों पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के लिए आशय पत्र प्रदान कर पायलट प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के सात हवाई अड्डों पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) स्थापित करने के लिए आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किए। इससे देश के पायलट प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलने के साथ साथ नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तार को समर्थन मिलेगा।

देश में वर्तमान में 63 फ्लाइंग बेस से 41 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन संचालित हो रहे हैं। इन सात एएआई हवाई अड्डों पर 11 नए एफटीओ के जुड़ने से भारत की वार्षिक पायलट प्रशिक्षण क्षमता में 750 कैडेट प्रति वर्ष की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे घरेलू प्रशिक्षण परिदृश्य को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विमानन के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन चुका है। विमानन अवसंरचना के विस्तार के साथ ही क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि के लिए एक सक्षम कार्यबल का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में 6 नए एफटीओ स्थापित किए गए हैं और प्रशिक्षण विमानों की संख्या 324 से बढ़कर 385 हो गई है। इस कारण पायलट प्रशिक्षण में वार्षिक उड़ान घंटों में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) जारी करने में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2024 में 1,347 से बढ़कर 2025 में 1,652 हो गई। मंत्री ने बताया कि भारतीय एयरलाइनों ने 1,640 विमानों का ऑर्डर दिया है और आगामी पांच वर्षों में लगभग 500 विमान बेड़े में शामिल होंगे। इस तेजी से बढ़ते बेड़े को संभालने के लिए प्रशिक्षित विमानन पेशेवरों की आवश्यकता बढ़ेगी। उनका विजन है ‘भारत में प्रशिक्षण, भारत में उड़ान।’

सरकार ने पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं, जिनमें एफटीओ नीति का उदारीकरण, हवाई अड्डा रॉयल्टी समाप्ति और भूमि किराए का युक्तिकरण शामिल हैं। वाणिज्यिक पायलट परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटलीकृत किया गया है और अब छात्रों के आवेदन परीक्षा पोर्टल के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रबंधित हो रहे हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस जारी करने वाला दूसरा देश बन चुका है, जिससे भारतीय पायलट वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बने हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा लागू एफटीओ रैंकिंग फ्रेमवर्क ने प्रशिक्षण को अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाया है, जिससे एफटीओ गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी ने पिछले छह महीनों में प्रति विमान प्रतिवर्ष औसतन 1,765 उड़ान घंटे दर्ज किए, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में अकादमी ने 27 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की और लगातार घाटे के बाद इस वर्ष बजट अधिशेष के साथ समापन किया।

मंत्री ने स्वदेशी प्रशिक्षण विमान हंसा-3 (एनजी) के विकास में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सभी प्रयासों के केंद्र में सुरक्षा होना चाहिए। प्रशिक्षकों की निगरानी, मानक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन और एफटीओ में सुरक्षा संस्कृति का विकास जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राम मोहन नायडू ने इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) प्रशिक्षण स्लॉट बुकिंग ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप एफटीओ को एएआई के विभिन्न हवाई अड्डों पर उपलब्ध आईएफआर प्रशिक्षण स्लॉट की जानकारी देता है और डिजिटल माध्यम से स्लॉट बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है।

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा, अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत कंसल, एएआई के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार, डीजीसीए और एएआई के वरिष्ठ अधिकारी तथा देशभर के फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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