एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विवाद के समाधान में, एसीसी लिमिटेड के बरगढ़ सीमेंट वर्क्स प्रबंधन और उसके कर्मचारियों के बीच 27 जुलाई 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस विवाद की शुरुआत प्रबंधन द्वारा 19 जून 2026 को जारी एक बंद नोटिस के बाद हुई थी, जिसमें 19 अगस्त 2026 से प्रतिष्ठान को बंद करने का प्रस्ताव था।
भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के तहत सेवारत श्री चिरंजीव सैकिया, उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), भुवनेश्वर के नेतृत्व में व्यापक सुलह प्रक्रिया के माध्यम से यह विवाद सौहार्दपूर्ण रूप से समाप्त हुआ। सुलह अधिकारी के समक्ष प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच निरंतर बातचीत हुई, जिसका प्रतिनिधित्व हीरा सीमेंट श्रमिक संघ, बारडोल, बरगढ़ जिले ने किया।
मुख्य जानकारी
समझौता ज्ञापन के अनुसार, बारगढ़ सीमेंट वर्क्स में कम से कम 61 शॉप फ्लोर एसोसिएट्स (एसएफए) को न्यूनतम 26.81 करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज प्रदान किया गया है। इस समझौते में कर्मचारियों के कल्याण और सेवा संबंधी अधिकारों के समाधान संबंधी प्रावधान शामिल हैं, जो उनके वित्तीय हितों और सामाजिक सुरक्षा की व्यापक रक्षा सुनिश्चित करते हैं।
सुलह कार्यवाही के दौरान, प्रबंधन ने कर्मचारियों के कल्याण, उचित सेवा शर्तों के रखरखाव और लागू श्रम कानूनों के अनुपालन के संबंध में कानूनी दायित्वों को विधिवत स्वीकार किया। रचनात्मक बातचीत के माध्यम से औद्योगिक संबंधों को संरक्षित किया गया और कल्याणकारी उपायों के समय पर कार्यान्वयन पर जोर दिया गया। प्रबंधन ने कार्यबल के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का आश्वासन भी दिया।
यह समझौता प्रबंधन के प्रतिनिधि और श्रमिक संघ के सक्रिय सहयोग से संभव हुआ, जिससे विवाद का एक संपूर्ण और सकारात्मक समाधान निकला। मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन के लगातार और समर्पित प्रयासों से वैधानिक अनुपालन के साथ दोनों पक्षों को संतुलित और सामंजस्यपूर्ण समझौते की दिशा में मार्गदर्शन मिला, जिससे संभावित संकट रचनात्मक समाधान में परिवर्तित हुआ।
यह मामला मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन, भुवनेश्वर की सक्रिय, सहानुभूतिपूर्ण और लगातार कोशिशों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने औद्योगिक शांति और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की।
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