भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 में जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक सम्पन्न

जयपुर में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक सफल संपन्न हुई, जिसमें चार महत्वपूर्ण अनुबंध मंजूर किए गए।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत, राजस्थान के जयपुर में सवाई मान महल में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद एवं वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी उपस्थित थे।

बैठक की मुख्य थीम “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” थी। यह बैठक नई दिल्ली में हुई ब्रिक्स आर्थिक एवं व्यापारिक मुद्दों पर संपर्क समूह की तीसरी बैठक के बाद आयोजित की गई थी। बैठक में ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्री, उप-मंत्री और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख भी शामिल हुए।

इस अवसर पर ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात से मंत्री एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के शुरूआती सत्र में वाणिज्य सचिव ने भाषण दिया, इसके बाद राज्य मंत्री एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने अपने उद्बोधन दिए।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित होकर, भारत के किसानों के हितों की सुरक्षा, खाद्य एवं आजीविका सुरक्षा की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में विकासशील देशों के लिए विशेष और भेदभावपूर्ण व्यवहार सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि मोस्ट-फेवर्ड-नेशन सिद्धांत और विशेष और विभेदक व्यवहार व्यवस्था के नींव हैं, जिन्हें कमजोर नहीं होना चाहिए।

बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक बाजारों के विस्तार, आर्थिक विविधता बढ़ाने और सेवाओं के क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चार अनुबंध जारी किए गए। अनुबंध-I में विश्व व्यापार संगठन पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की प्रतिबद्धता दोहराई गई। अनुबंध-II में ‘जयपुर सहमति’ के तहत छोटे उद्योगों के लिए नए क्रेडिट मूल्यांकन मार्गदर्शक सिद्धांत लागू करने का निर्णय लिया गया, जिससे छोटे उद्योगों को व्यापार वित्त की बेहतर पहुंच मिलेगी। अनुबंध-III में ग्लोबल वैल्यू चेन (जीवीसी) पर साझा समझ विकसित की गई और 2026-2030 के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। अनुबंध-IV के अंतर्गत सीमा-पार डिजिटल सेवाओं को सहज बनाने के सिद्धांत मंजूर किए गए, जो अगले दस वर्षों में ब्रिक्स सहयोग को नई दिशा देंगे।

साथ ही, ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जो बहुपक्षीय व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में केंद्रित है। मंत्रियों ने इस रणनीति को शीर्ष नेताओं के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने पर सहमति जताई।

बैठक के समापन पर सभी व्यापार मंत्रियों ने भारत के आतिथ्य और उत्कृष्ट नेतृत्व की प्रशंसा की। इस बैठक के फैसले न केवल भारत के ‘विकसित भारत@2047’ संकल्प को मजबूत करेंगे, बल्कि सभी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साझा और समृद्ध भविष्य का निर्माण करेंगे।

मुख्य जानकारी

  • बैठक स्थल: जयपुर, राजस्थान
  • अध्यक्ष: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
  • उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधि: ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात
  • प्रमुख विषय: विश्व व्यापार संगठन आधारित बहुपक्षीय व्यापार, खाद्य सुरक्षा, व्यापार वित्त, डिजिटल सेवाएं, ग्लोबल वैल्यू चेन
  • प्रमुख दस्तावेज: चार अनुबंध और ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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