प्रधानमंत्री ने भारत के CWG पदक विजेताओं से की बातचीत, जारी किया वार्तालाप का मूल पाठ

प्रधानमंत्री ने भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल विजेताओं से बातचीत की, उनकी उपलब्धियों को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) पदक विजेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत का मूल पाठ जारी किया है। इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 10-12 सालों में खिलाड़ियों के प्रयासों से भारत ने लगातार विजय हासिल की है और खेलों में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को स्कूलों में केवल खेल को बढ़ावा देने के बजाय उनके पदक को प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने खिलाड़ी से पूछा कि क्या उन्होंने वादा किया था कि उनकी दोनों बेटियां खिलाड़ी बनेंगी, जिस पर खिलाड़ी ने कहा कि वे छोटी हैं लेकिन अगले कॉमनवेल्थ में तीन मेडल लेकर आएंगी।

बातचीत में एक खिलाड़ी ने बताया कि उनके महत्वपूर्ण मुकाबले के दिन गुरु पूर्णिमा भी थी और उन्होंने अपने गुरु को गिफ्ट दिया। प्रधानमंत्री ने उनके भावुक होने का उल्लेख करते हुए कहा कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा था। खिलाड़ी ने अपनी चुनौतियों, चोटों और पारिवारिक समस्याओं का भी जिक्र किया, और बताया कि राष्ट्रीय ध्वज के संगीत के समय अपने आप आंसू निकाले।

प्रधानमंत्री ने जीत को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि न मान कर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया। खिलाड़ियों ने बताया कि पूरी फाइट में विरोधी डरे हुए थे। उन्होंने खेलो इंडिया योजना की भूमिका को भी सकारात्मक बताया जो खेलों में बड़े बदलाव ला रही है।

वार्तालाप में खिलाड़ियों ने अपनी ट्रेनिंग के अनुभव, वाराणसी, भोपाल और उज्जैन में प्राप्त सहायता, और साई का समर्थन उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को खेल संस्कृति के महत्व पर जोर दिया और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की शुभकामनाएं दीं।

बातचीत के अंत में खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा और प्रधानमंत्री ने उन्हें आशीर्वाद दिया। प्रधानमंत्री ने आगे भी खिलाड़ियों की सफलता की कामना की और आश्वस्त किया कि देश उनके प्रदर्शन को याद रखेगा। बातचीत में खिलाड़ियों ने अपने संघर्षों और व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया, जिससे उनकी सफलताओं के पीछे की कहानी उजागर हुई।

मुख्य जानकारी

प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया जो लगातार देश को पदक दिला रहे हैं। बातचीत में खेलो इंडिया स्कीम का उल्लेख हुआ, जो युवा खिलाड़ियों को सहयोग देती है। प्रधानमंत्री ने देश में खेलों के प्रति जागरूकता और संस्कृति बढ़ाने की बात कही। खिलाड़ियों की व्यक्तिगत तकलीफों, संघर्षों और देशभक्ति के भाव को भी बातचीत में रखा गया। यह वार्तालाप खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक है।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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