श्री संजय कुमार झा की अध्यक्षता में विभाग-संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने “पांडुलिपि से मिशन तक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भारत की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण, मानचित्रण और सतत संवर्धन” विषय पर अपनी 393वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को राज्य सभा सचिवालय में प्रस्तुत की गई। समिति ने यह रिपोर्ट 11 अगस्त 2026 को स्वीकार भी कर ली है।
मुख्य जानकारी
समिति की इस रिपोर्ट में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं। इनमें पांडुलिपि विद्वानों, वैज्ञानिकों और संरक्षकों की सलाह से डिजिटलीकरण मानक को पूर्ण संग्रहण मानक के रूप में बढ़ाने तथा मल्टीस्पेक्ट्रल पुनर्प्राप्ति और सामग्री रिकॉर्डिंग के शामिल किए जाने की बात कही गई है। साथ ही, राष्ट्रीय वैज्ञानिक विभागों के साथ सहयोग कर उन पांडुलिपियों को पढ़ने के लिए शोध और चुनौती कार्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की गई है जिन्हें खोला नहीं जा सकता।
राष्ट्रीय वाचन कार्यबल गठन और नागरिक मंच ‘अक्षर मित्र’ की स्थापना की सिफारिश भी की गई है, जहां प्रत्येक पृष्ठ पर दो स्वतंत्र जांच और योगदानकर्ताओं को क्रेडिट दिया जाएगा। सार्वजनिक व्यय से निर्मित पृष्ठों को एक खुले राष्ट्रीय पुस्तकालय में जारी करने पर बल दिया गया है, ताकि फेडरेटेड लर्निंग के माध्यम से प्रतिबंधित संग्रह बिना छवि बाहर भेजे अपना योगदान दे सके।
रिपॉजिटरी के भरोसेमंद वास्तुकला के लिए अंतर्राष्ट्रीय छवि अंतर-संचालनीयता ढांचे को पहुंच मानकक रूप में बनाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय भाषाओं की मौखिक विरासत को रिकॉर्ड करने के लिए भाषाई स्पीच रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करने, कोडित लिपियों के लिए मुफ्त फ़ॉन्ट, कीबोर्ड और आवाज़ें उपलब्ध कराने पर भी ज़ोर दिया गया है।
रिपोर्ट में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में सांस्कृतिक और पांडुलिपि परतों को शामिल करते हुए, उनसे निर्मित ज्ञान पर्यटन सर्किट और डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क पर से जुड़े कारीगरों के समर्थन की भी सिफारिश है।
अंत में, संरक्षण ढांचे की स्थापना पर बल दिया गया है जिसमें जोखिम वाली पांडुलिपियों के लिए मशीन-वर्गीकृत रजिस्टर, राष्ट्रीय चेतावनी अवसंरचना, सांस्कृतिक प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण और दीर्घकालीन मीडिया पर डीप आर्काइव की घोषणा शामिल है।
पूरा प्रतिवेदन राज्य सभा की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
