सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की आधारशिला हैं जो स्मार्टफोन, वाहनों, सैटेलाइट एवं एआई सिस्टम तक संचालन करते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती मांग में एडवांस्ड चिप्स, खास प्रोसेसर और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग की आवश्यकता शामिल है, जिससे दोनों तकनीकों का गहरा संबंध बन गया है। भारत चिप डिजाइन, विनिर्माण, कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वदेशी एआई मॉडल समेत कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं बढ़ा रहा है। अपनी नीति और पहलों के माध्यम से सरकार एक एकीकृत, आत्मनिर्भर तकनीक व्यवस्था विकसित कर रही है जो नवाचार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर प्रदान करती है।
मुख्य जानकारी
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत ने सेमीकॉन 1.0 मिशन के तहत ₹76,000 करोड़ के बजट से इकोसिस्टम का निर्माण किया। जुलाई 2026 में ₹1,27,500 करोड़ के बजट के साथ सेमीकॉन 2.0 मिशन लॉन्च किया गया, जो चिप डिजाइन, मशीनें, सामग्री, फैब्रिकेशन, शोध एवं प्रतिभा विकास के छह रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है। इस पहल से आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ी है और घरेलू मूल्यवर्धन का विस्तार हुआ है। छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हैं जिनमें ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश है और तीन संयंत्रों ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया है।
स्वदेशी चिप डिजाइन के तहत ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ जैसी योजनाओं से 320 शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे 68,000 से अधिक छात्र प्रशिक्षित हो चुके हैं। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत 24 डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता मिली है और 105 स्टार्टअप और MSMEs को EDA टूल्स के लिए समर्थन दिया गया है।
एआई के विकास के लिए इंडियाAI मिशन लगभग ₹10,372 करोड़ के बजट के साथ एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है। जून 2026 तक, साझा कंप्यूटिंग संसाधनों में 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) बढ़ाए गए हैं। अगस्त 2026 तक, 237 परियोजनाओं ने सब्सिडी वाली AI कंप्यूटिंग का लाभ उठाया है। इसके अंतर्गत स्वदेशी फाउंडेशनल एआई मॉडल के लिए 20 प्रस्ताव मंजूर हुए हैं जो भारतीय भाषाओं और जरूरतों के अनुरूप एआई मॉडल विकसित करते हैं। भारत में 58 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं जो शोध, नवाचार और एप्लीकेशन विकास को बढ़ाते हैं।
डेटा सेंटर मुंबई, नवी मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली एनसीआर और गुजरात जैसे प्रमुख शहरों में स्थापित हैं, जिनकी क्षमता 2020 के 375 मेगावाट से बढ़कर अब लगभग 1,575 मेगावाट हो गई है। ये डेटा सेंटर आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों तक विस्तार कर रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर भारत को AI प्रतिस्पर्धा और इकोसिस्टम की जीवंतता में तीसरा स्थान प्राप्त है। 2025 में GitHub AI प्रोजेक्ट्स में भारत दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता था। फरवरी 2026 में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में 100 से अधिक देशों एवं 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया और 92 देशों/संगठनों ने घोषणापत्र को अपनाया। भारत विश्व भर के सहयोगियों के साथ मिलकर मजबूत ग्लोबल सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने में सक्रिय है।
भारत का सेमीकंडक्टर और एआई कार्यक्रम नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास की दिशा में निरंतर गति बनाए हुए है। सेमीकॉन 2.0 में उपकरण, सामग्री, पैकेजिंग, शोध और स्वदेशी बौद्धिक संपदा पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। इंडियाAI मिशन साझा कंप्यूटिंग क्षमता के माध्यम से सरकार, उद्योग, अकादमिया और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ा रहा है, जो ज़िम्मेदार एआई शासन और सतत नवाचार को सुनिश्चित करता है।
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यह कदम भारत को विश्व स्तर पर तकनीकी नेतृत्व की दिशा में सुनिश्चित स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
