भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 8 जून 2026 को FCNR(B) जमा, बाहरी व्यावसायिक उधारी (ECB) और ओवरसीज फॉरेन करंसी बोर्रोइंग्स (OFCB) के लिए एक विशेष USD-INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी। इस सुविधा के तहत अब तक विदेशी मुद्रा में कुल 56,846 मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्रवाह दर्ज की गई है।
मुख्य जानकारी
अधिकृत डीलर बैंकों द्वारा 13 अगस्त 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, FCNR(B) जमा के माध्यम से 52,300 मिलियन अमेरिकी डॉलर, OFCB के माध्यम से 2,805 मिलियन अमेरिकी डॉलर और ECB के माध्यम से 1,741 मिलियन अमेरिकी डॉलर फॉरेक्स आय प्राप्त हुई है।
आरबीआई ने FCNR(B) जमा के लिए स्वैप सुविधा के प्रति उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि यह सुविधा अब केवल 31 अगस्त 2026 तक के जमा के लिए उपलब्ध रहेगी। जबकि इस सुविधा के तहत स्वैप्स 11 सितंबर 2026 तक आरबीआई से प्राप्त किए जा सकते हैं।
इसके विपरीत, ECB और OFCB के लिए यह योजना 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी।
यह फैसला विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आर्थिक स्थिरता और बाजार की जरूरतों को संतुलित करता है।
(बृज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 2026-2027/900
अधिक जानकारी के लिए कृपया आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
