सीसीआई ने जनरल अटलांटिक सिंगापुर द्वारा एको टेक्नोलॉजी में अतिरिक्त हिस्सेदारी अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने जनरल अटलांटिक सिंगापुर द्वारा एको टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज की अतिरिक्त हिस्सेदारी अधिग्रहण को मंजूरी दी।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने जनरल अटलांटिक सिंगापुर एसीके प्राइवेट लिमिटेड को एको टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण की अनुमति दे दी है। इस सौदे के तहत जनरल अटलांटिक की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक होगी, जो कंपनी के राइट्स इश्यू के तहत पूर्ण रूप से परिवर्तित आधार पर आधारित है।

जनरल अटलांटिक सिंगापुर एसीके पीटीई लिमिटेड सिंगापुर के कानूनों के अंतर्गत निगमित एक निवेश होल्डिंग कंपनी है। यह जनरल अटलांटिक निवेश कोष समूह से जुड़ी हुई है, जो तकनीक, स्वास्थ्य सेवा, जीवन विज्ञान, बुनियादी ढांचा, रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता तथा जलवायु और टिकाऊ बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायों को पूंजी और रणनीतिक समर्थन प्रदान करती है।

लक्षित कंपनी एको टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज भारत में स्थित एक इंश्योर-टेक (बीमा प्रौद्योगिकी) निजी कंपनी है, जिसके तीन पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां भी हैं—एश्योरलिंक, एको जनरल इंश्योरेंस और एको लाइफ इंश्योरेंस। एको जनरल इंश्योरेंस और एको लाइफ इंश्योरेंस क्रमशः गैर-जीवन और जीवन बीमा सेवाएं प्रदान करने के लिए लाइसेंस प्राप्त कंपनियां हैं।

एश्योरलिंक वर्तमान में भारत में बीमा पॉलिसियों के वितरण व्यवसाय में शामिल होने के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) से कॉर्पोरेट एजेंसी लाइसेंस प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रही है। एको टेक के पास अन्य कंपनियों में भी निवेश मौजूद है।

मुख्य जानकारी

• सीसीआई ने जनरल अटलांटिक सिंगापुर एसीके प्राइवेट लिमिटेड को एको टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण की मंजूरी दी।

• अधिग्रहण के बाद जनरल अटलांटिक की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी।

• जनरल अटलांटिक एक वैश्विक निवेश समूह है जो विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी और रणनीतिक सहायता प्रदान करता है।

• एको टेक एक इंश्योर-टेक कंपनी है, जो तीन सहायक कंपनियों के माध्यम से बीमा क्षेत्र में कार्यरत है।

• एश्योरलिंक आईआरडीएआई से लाइसेंस मिलने का इंतजार कर रही है ताकि बीमा पॉलिसियों के वितरण कारोबार में प्रवेश कर सके।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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