केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में लगभग ₹6,453 करोड़ की लागत से 17 जिलों के विकास कार्यों का आज लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं, गरीबों, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। उन्होंने बताया कि आज किसानों को किसान सम्मान निधि, पशुपालकों के लिए ₹500 करोड़ की डेयरी सुविधा, युवाओं को रोजगार और माताओं-बहनों के लिए सरस डेयरी व्याप्ति के विस्तार के काम प्रारंभ हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अलवर में 3 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन हुआ है, जिससे उसकी क्षमता जल्द ही बढ़ाकर 5 लाख लीटर कर दिया जाएगा। इससे गरीब पशुपालकों को प्रतिदिन दूध बेचने और सीधे बैंक खातों में भुगतान मिलने जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र और डेयरी क्षेत्र के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के जीवन में सुधार के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसरों का सृजन करने की क्षमता को भी रेखांकित किया। उन्होंने राज्य में सभी घरों तक बेहतर दूध देने वाली गाय-भैंस की नस्ल पहुंचाने के प्रयासों की बात कही।
अमित शाह ने सरस डेयरी के तहत भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में ₹274 करोड़ की चार प्लांटों के शुभारंभ का भी उल्लेख किया। साथ ही फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण देने वाले चार जिला बैंक भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ₹152 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 67 लाख किसानों को ₹667 करोड़ से अधिक राशि वितरित की गई है।
आज चित्तौड़गढ़ में ₹5,500 करोड़ के विकास कार्यों की भी शुरुआत हुई है, जिसके साथ ही एक ही दिन में कुल ₹11,953 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन हो चुका है।
वर्तमान में राजस्थान में 44,000 सहकारी समितियां हैं। मंत्री ने लक्ष्य बताया कि राज्य का कोई भी गांव ऐसा न रहे जहां सहकारिता न हो। उन्होंने 2026-27 में 50 नए गोदामों के निर्माण एवं पहले से बने कई गोदामों का संज्ञान लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 से 2026 तक किसानों और पशुपालकों के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें गोकुल मिशन, फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड आदि शामिल हैं। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों का सशक्तिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सबसे अधिक अनाज खरीदा है, और बाजरा, सरसों, गेहूं, कपास व ज्वार के एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि की गई है। सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से हर गांव को समृद्ध बनाने की योजना पर भी जोर दिया।
अमित शाह ने इस कार्यक्रम के दौरान सरकार की योजनाओं का विस्तार करते हुए सहकारिता से समृद्धि के मंत्र को हर गांव तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
