नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तत्वावधान में भारतीय लागत लेखा सेवा (आईसीओएएस) के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य अतिथि रक्षा विभाग सचिव श्री राजेश कुमार सिंह थे। कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस वर्ष का समारोह ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीओएएस अधिकारियों की भूमिका’ विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया। रक्षा विभाग सचिव ने अपनी मुख्य भाषण में विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत बनाने में आईसीओएएस अधिकारियों की व्यावसायिकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में विवेकपूर्ण लागत सुधार, संसाधनों के उचित उपयोग और मजबूत वित्तीय निगरानी के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में आईसीओएएस का योगदान महत्वपूर्ण है।
रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने में लागत लेखांकन विशेषज्ञता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह विशेषज्ञता न केवल आयात पर निर्भरता कम करती है, बल्कि निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ावा देती है। रक्षा उत्पादन प्रणाली में आईसीओएएस अधिकारियों की अनूठी और रणनीतिक भूमिका की भी उन्होंने सराहना की और संस्था और रणनीतिक क्षेत्र के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव श्री वी. वुआलनम ने वीडियो संदेश देते हुए अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और आईसीओएएस का प्रभावी लागत प्रबंधन में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के उपयोग के साथ आईसीओएएस अधिकारियों की लागत दक्षता सुनिश्चित करने, उचित जोखिम आवंटन और मजबूत परियोजना संरचना निर्माण में भूमिका की अहमियत को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में आईसीओएएस की सेवा, विकास, उल्लेखनीय उपलब्धियों और क्षमता निर्माण से संबंधित एक स्मारक ई-ब्रोशर भी जारी किया गया। कार्यक्रम के दौरान दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जैसे कि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और तनाव प्रबंधन एवं व्यावसायिक लचीलापन बनाए रखने पर व्यावहारिक रणनीतियां।
कार्यक्रम में मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिससे नीति निर्माण, लागत प्रबंधन और कुशल सार्वजनिक व्यय में आईसीओएएस की अपरिहार्य भूमिका की पुष्टि हुई। छह युवा आईसीओएएस अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘सर्वोत्तम’, ‘अति उत्तम’, ‘उत्तम’ और ‘प्रोत्साहन’ प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया, जो सेवा के युवा अधिकारियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करता है।
इस प्रकार, आईसीओएएस दिवस 2026 ने क्षमता निर्माण, जानकारी के आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया। इसने आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से लचीले विकसित भारत के प्रति सेवा की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
