भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौजूदा और बदलती तरलता परिस्थितियों की समीक्षा के बाद 19 अगस्त 2026 को ओवरनाइट वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस नीलामी का उद्देश्य मौद्रिक नीति के तहत तरलता का प्रबंधन करना है।
इस मौके पर 1 दिन की अवधि के लिए ₹1,50,000 करोड़ की राशि को VRRR नीलामी के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। नीलामी के लिए विंडो का समय सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक रखा गया है। इस नीलामी के अंतर्गत जमा की गई राशि का रिवर्स (उद्धार) 20 अगस्त 2026 को किया जाएगा।
मुख्य जानकारी
आरबीआई द्वारा जारी ऑपरेशनल गाइडलाइंस 13 फरवरी 2020 के प्रेस रिलीज़ 2019-2020/1947 के अनुसार होंगी, जिनके तहत चालू नीलामी होगी। इस नीलामी के जरिए रिजर्व बैंक बैंकिंग प्रणाली में आवश्यकतानुसार तरलता को समायोजित करेगा।
रिवर्स रेपो एक ऐसा वित्तीय उपकरण है जहां बैंक आरबीआई को अपनी अस्थायी अधिशेष रकम ब्याज के साथ देकर तरलता प्रबंधन करते हैं। वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो नीलामी का मतलब है कि ब्याज दर बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित की जाती है।
