एनएचआरसी ने मध्यप्रदेश के प्राथमिक विद्यालय में दलित छात्र के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का स्वतः संज्ञान लिया

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में दलित समुदाय के कक्षा 4 छात्र की शिक्षक द्वारा पिटाई और जातिवाद पर एनएचआरसी ने संज्ञान लिया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में दलित समुदाय से संबंधित कक्षा 4 के एक छात्र के साथ कथित पिटाई और जातिवादी टिप्पणियों के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

सूत्रों के अनुसार यह घटना 28 जुलाई 2026 को उकावल गांव में हुई जब स्कूल का एक शिक्षक उस छात्र को अपनी बोतल से पानी पीते देख क्रोधित हो गया और उस पर हमला किया तथा जातिवादी गालियां दीं।

आयोग ने बताया है कि यदि यह सूचना सही ठहरती है तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। एनएचआरसी ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में पीड़ित छात्र को दी गई वैधानिक राहत की जानकारी भी शामिल होनी चाहिए।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को लड़के ने यह घटना अपने माता-पिता को बताई, और इसके बाद मामले की पुलिस से शिकायत की गई।

मुख्य जानकारी

एनएचआरसी ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया है जिसे मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूर्ण जानकारी मांगी गई है।

यह मामला दलित छात्र के साथ शिक्षक की कथित अमानवीय और जातिगत व्यवहार का है जो शिक्षा संस्थानों में समावेशी वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाता है। आयोग द्वारा रिपोर्ट में वैधानिक राहत की स्थिति का भी उल्लेख करने को कहा गया है ताकि पीड़ित को उचित न्याय मिल सके।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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