नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026: लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा है कि भारत और केन्या के बीच सदियों से चले आ रहे ऐतिहासिक एवं बहुआयामी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि नियमित उच्चस्तरीय संवाद और संपर्क दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को निरंतर सुदृढ़ करते रहे हैं।
यह बातें उन्होंने संसद भवन परिसर में केन्या की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष महामहिम डॉ. मूसा एम. वेटांग’उला, EGH के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहीं। श्री बिरला ने डॉ. वेटांग’उला के सार्वजनिक जीवन के व्यापक अनुभव, विधि, विधिनिर्माण और प्रशासन के क्षेत्र में विशिष्ट अनुभव को मान्यता देते हुए उनके सुशासन को सुदृढ़ करने वाले योगदान की सराहना की।
लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और केन्या के बीच सदियों पुराने लोगों के बीच संबंध, जिसमें भारतीय मूल के लोगों को स्वदेशी समुदाय के रूप में मान्यता देने के केन्या सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया, इन संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और केन्या दोनों लोकतंत्र, समावेशी विकास और मानव-केंद्रित प्रगति को विशेष महत्व देते हैं और यह साझा दृष्टिकोण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को गहराई प्रदान करता है। श्री बिरला ने केन्या के स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को सत्य और अहिंसा के शाश्वत प्रतीक के रूप में विश्वभर में सम्मान दिया जाता है। उन्होंने केन्या की संसद में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापना पर सहमति के लिए डॉ. वेटांग’उला का हार्दिक आभार भी व्यक्त किया।
श्री बिरला ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात भारत ने व्यापक विकास और सामाजिक परिवर्तन देखा है, जिसमें मतदाता भागीदारी लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास और आस्था को दर्शाती है। उन्होंने संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच बताया जहां नागरिकों की आशाएं और आकांक्षाएं अभिव्यक्ति पाती हैं। भारत और केन्या के मध्य संसदीय संवाद निरंतर मजबूत हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने संसदीय मैत्री समूहों के गठन और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान से दोनों देशों के संसदीय संबंधों को नए आयाम प्रदान करने की बात कही। केन्या संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) द्वारा सांसदों और अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में संसद के कामकाज में प्रौद्योगिकी का उपयोग आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि भारतीय संसद ने अपने कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर पारदर्शिता, दक्षता, समावेशिता और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया है और इस क्षेत्र में अनुभव साझा करने हेतु वे केन्या संसद के साथ खुशी से सहयोग करेंगे। डॉ. वेटांग’उला ने श्री बिरला द्वारा दिए गए गर्मजोशीपूर्ण स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्य जानकारी
- लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत और केन्या के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक एवं बहुआयामी संबंध हैं।
- डॉ. मूसा एम. वेटांग’उला के साथ द्विपक्षीय बैठक में संसदीय सहयोग, लोकतांत्रिक मूल्यों और महात्मा गांधी के प्रभाव पर चर्चा हुई।
- केन्या ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन किया।
- भारत ने संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग कर पारदर्शिता व जनभागीदारी बढ़ाई है।
- दोनों देशों के संसदीय मैत्री समूहों एवं प्रतिनिधिमंडलों का नियमित संवाद संबंधों को मजबूत करता है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
