भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति का चौथा सत्र नई दिल्ली में आयोजित हुआ

भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति का चौथा सत्र 10-11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संपन्न, द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग हुआ।

भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति (जोटीसी) का चौथा सत्र 10 और 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित कुमार ने किया, जबकि नामीबियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय संबंध और व्यापार मंत्रालय की कार्यकारी निदेशक सुश्री एनडीता एनघिपोंडोका-रोबियाती ने किया। सत्र के सहमत कार्यवृत्त पर दोनों सह-अध्यक्षों द्वारा 11 अगस्त को हस्ताक्षर किए गए। उद्घाटन भाषण वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री यशवीर सिंह ने दिया।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को कच्चे माल पर आधारित संरचना से आगे बढ़ाकर नामीबिया में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, चर्चाओं को ठोस कार्य-प्रणालियों में बदलने और जिम्मेदारियों तथा समयसीमा निर्धारित करने पर सहमति जताई।

मुख्य जानकारी

  • व्यापार प्रदर्शन: द्विपक्षीय वस्तु व्यापार वर्ष 2024-25 में 568.40 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 592.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इसमें भारत का निर्यात 349.09 मिलियन और आयात 243.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। सेवाओं के व्यापार में भी 7.34% की वृद्धि हुई और यह 380 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा।
  • क्षेत्रवार वृद्धि: भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 124.06% बढ़कर 30.24 मिलियन अमेरिकी डॉलर हुआ, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों का निर्यात 36.50 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा। भारत नामीबिया का दूसरा सबसे बड़ा दवा आपूर्तिकर्ता बन गया।
  • निवेश के लिए प्रमुख केंद्र: इन्वेस्ट इंडिया और नामीबिया निवेश संवर्धन बोर्ड को जेटीसी के निवेश संबंधी प्रमुख संपर्क केंद्र के रूप में नामित किया गया है।
  • सेवा कार्य समूह: एक समर्पित सेवा कार्य समूह गठित होगा जो फरवरी 2027 से पहले बैठक करेगा और अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करेगा।
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स: स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग के तहत पहला संयुक्त कार्य समूह दिसंबर 2026 तक आयोजित होगा। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ जनऔषधि सहयोग समझौता अंतिम चरण में है।
  • महत्वपूर्ण खनिज: लिथियम, ग्रेफाइट, तांबा, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों के अन्वेषण, खरीद, प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन के लिए सहयोग स्थापित किया गया है।
  • रत्न एवं आभूषण: नामीबिया को भारत के विशेष अधिसूचित क्षेत्रों एवं इंडिया रफ जेमस्टोन्स सोर्सिंग शो में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही, हीरा काटने, तराशने और आभूषण डिजाइन में प्रशिक्षण सहायता की पेशकश की गई।
  • डिजिटल सहयोग: भारत के यूपीआई आधारित त्वरित भुगतान प्रणाली के नामीबिया में कार्यान्वयन को जारी रखने पर सहमति हुई। भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक ऑफ नामीबिया के बीच फिनटेक सहयोग की रूपरेखा प्रस्तावित की गई।
  • ऊर्जा और बुनियादी ढांचा: रेलवे, सौर और पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, जैव ईंधन और विलवणीकरण के क्षेत्र में सहयोग स्थापित किया गया।
  • भारत-एसएसीयू पीटीए: संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप दिया गया और 12 अगस्त 2026 को इस पर हस्ताक्षर होने का निर्धारण किया गया। वार्ता हस्ताक्षर के बाद एक महीने में शुरू होकर एक वर्ष में पूरी होगी।

इसके अतिरिक्त, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, वस्त्र, पर्यटन तथा खेल के क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाया गया। चर्चा सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण माहौल में संपन्न हुई जो दोनों देशों की पारंपरिक मित्रता को दर्शाती है। संयुक्त व्यापार समिति का अगला सत्र 2028 में नामीबिया में आयोजित होगा।

India-Namibia Joint Trade Committee

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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