वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जेम की 10वीं वर्षगांठ समारोह में शीर्ष खरीदारों और विक्रेताओं को सम्मानित किया

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सरकारी खरीद के लिए जेम के उपयोग और भविष्य की योजनाओं पर ज़ोर दिया। 10वीं वर्षगांठ पर माई स्टैम्प और हेल्पडेस्क शॉर्ट कोड भी लॉन्च।

नई दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सरकारी खरीद को अधिक कुशल, किफायती, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक यूज़र-फ्रेंडली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम प्लेटफॉर्म की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह नया प्लेटफ़ॉर्म खरीदारों और विक्रेताओं को खरीद प्रक्रिया और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग में मदद करेगा।

श्री गोयल ने आने वाले दशक के लिए जेम के पांच प्राथमिक क्षेत्रों की रूपरेखा सामने रखी। इनमें जेम सुविधा केंद्रों के माध्यम से ज़िलों तक पहुंच बढ़ाना, कीमतों की उचितता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एआई का अधिक उपयोग, राज्यों, सरकारी उद्यमों, पंचायतों और सहकारी समितियों के साथ एकीकृत राष्ट्रीय खरीद इकोसिस्टम बनाना, सतत खरीद को मुख्यधारा में लाकर क्रेडिट और स्थिरता पर ध्यान देना, तथा युवा नवोन्मेषकों और नए खरीदारों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाना शामिल है।

कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन, वाणिज्य विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, खरीदार, विक्रेता, उद्यमी और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे। साथ ही जेम के प्रारंभ से जुड़े सरकारी खरीदारों, विक्रेताओं, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं को भी सम्मानित किया गया।

जेम की शुरुआत 09 अगस्त 2016 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और कुशल शासन के उद्देश्य से हुई थी। तब से यह प्लेटफ़ॉर्म देश के सरकारी खरीदारों और उद्यमों को जोड़ने वाला एक एकीकृत सार्वजनिक खरीद मंच बन गया है।

अब जेम समुदाय में 25 लाख से अधिक विक्रेता और 1.37 लाख से अधिक खरीदार संगठन हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अब तक 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डर हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 20 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है। इसमें 12.28 लाख सूक्ष्म और लघु उद्यम शामिल हैं, जिन्होंने 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर पूरे किए हैं। इनमें 2.24 लाख महिला-नेतृत्व वाले एमएसई ने 50 लाख से अधिक मूल्य के ऑर्डर पूरे किए हैं, और 42,242 स्टार्टअप्स ने 65,633 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त किए हैं।

जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा कि जेम की असली पहचान केवल बड़े पैमाने की सफलता में नहीं, बल्कि लगातार सुधार की भावना में है। यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को सुनने, सुधार करने और तत्परता के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जेम ने डिजिटल गवर्नेंस, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान के लिए एक अनुकूलित ‘माई स्टैम्प’ भी लॉन्च किया। इसके अलावा, जेम ने अपने हेल्पडेस्क के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय पाँच-अंकीय शॉर्ट कोड “14550” भी जारी किया है, जिससे खरीदारों, विक्रेताओं और हितधारकों के लिए सहायता संपर्क और अधिकारिक संचार की पहचान आसान होगी।

जैसे-जैसे जेम अपना दूसरा दशक शुरू कर रहा है, प्लेटफ़ॉर्म अपने विस्तार को तेज करने के साथ गहरी तकनीक, बढ़ती भागीदारी, व्यापार में सरलता, मजबूत खरीदारी सूचना, तेज प्रक्रियाओं और सार्वजनिक धन के लिए अधिक मूल्य सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा।

भारत में सरकारी खरीद को और अधिक सुलभ और पूर्वानुमेय बनाने तथा खरीदारों को अधिक स्मार्ट, कुशल और डेटा-संचालित अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य जेम का प्रमुख उद्देश्य है।

जेम पूरी तरह विकसित भारत के विज़न के अनुरूप सार्वजनिक खरीद को रूपांतरित कर देश के डिजिटल सार्वजनिक खरीद मॉडल को विश्वसनीय वैश्विक मानक बनाना चाहता है।

मुख्य जानकारी

  • जेम की स्थापना 09 अगस्त 2016 को वाणिज्य मंत्रालय के तहत हुई।
  • जेम में अधिक 25 लाख विक्रेता और 1.37 लाख से अधिक खरीदार संगठन हैं।
  • अब तक जेम के माध्यम से 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डर, 20 लाख करोड़ से ज्यादा मूल्य के आयोजित हो चुके हैं।
  • 12.28 लाख सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, 2.24 लाख महिला नेतृत्व वाली एमएसई और 42,242 स्टार्टअप्स सक्रिय हैं।
  • जेम ने माई स्टैम्प और हेल्पडेस्क के लिए शॉर्ट कोड “14550” जारी किया है।
  • आने वाले दशक के लिए जेम पांच मुख्य क्षेत्रों में विस्तार व तकनीकी उन्नयन पर ध्यान देगा।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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