केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अतुल्य भारत पोर्टल पर ‘ऐज सीन ऑन नेटफ्लिक्स’ सेक्शन का शुभारंभ किया है। यह पहल पर्यटन मंत्रालय और नेटफ्लिक्स इंडिया के सहयोग से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य दुनिया भर के दर्शकों को नेटफ्लिक्स इंडिया की फिल्मों और सीरीज में दिखाए गए वास्तविक स्थानों, सांस्कृतिक परंपराओं और अनुभवों को जानने का मौका देना है, जिससे भारत की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिले।
यह अनुभाग भारत में नेटफ्लिक्स के दस साल पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में आयोजित एक कार्यक्रम में लॉन्च किया गया। इस दौरान नेटफ्लिक्स के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेड सारंडोस ने मंत्री के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और क्रिएटिव इकॉनमी को बढ़ावा देने में कहानी कहने की भूमिका पर चर्चा की।
शेखावत ने कहा कि भारत की कहानियां हजारों वर्षों से दुनिया को प्रेरित करती आ रही हैं। आज तकनीक ने इन कहानियों को विश्व के हर कोने तक पहुंचाने का अनूठा अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था भारत की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। वे ऐसी साझेदारियों का स्वागत करते हैं जो भारतीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाती हैं, देश की विविधता का उत्सव मनाती हैं और भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती हैं।
नेटफ्लिक्स के टेड सारंडोस ने बताया कि भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि अनेक राज्यों का संगम है, जहां हर जगह अपनी अनूठी कहानियां और परंपराएं हैं। पिछले दशक में भारतीय कहानियों ने विश्व दर्शकों को भावुक किया है और उन्हें भारत के सांस्कृतिक स्थलों का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया है। वे संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से इस साझेदारी को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दोनों नेताओं ने भारत की क्रिएटिव इकॉनमी को सुदृढ़ करने और देश की विविध संस्कृतियों, परिवेश तथा परंपराओं पर आधारित वास्तविक कहानियों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। पिछले दशकों में नेटफ्लिक्स ने भारतीय क्रिएटर्स के साथ मिलकर देश की सांस्कृतिक कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया है।
यह पहल भारत सरकार की उस नीति के अनुरूप है जिसमें कहानी कहने की कला को संस्कृति संरक्षण और उत्सव का माध्यम माना गया है, साथ ही यह सांस्कृतिक पर्यटन और क्रिएटिव इकॉनमी को भी प्रोत्साहित करती है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
