संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली अकादमियों ने हर घर तिरंगा अभियान और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभर में मनाया। विभिन्न सांस्कृतिक और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करते हुए तिरंगा रैलियाँ, ध्वजारोहण समारोह, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, देशभक्ति से भरे नाट्य और संगीत प्रस्तुतियाँ, कला और चित्रकला कार्यशालाएँ, दीवार चित्रकारी, मिट्टी की कलाकृतियाँ, पारंपरिक शिल्प प्रदर्शनियाँ और विद्यार्थियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विविधता में एकता का संदेश फैलाया।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) ने देशभर के केंद्रों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम कर नागरिकों और विद्यार्थियों को जोड़ा। एनएसडी ने सामाजिक माध्यमों पर वंदे मातरम् के 150वें वर्ष और तिरंगे के सही प्रदर्शन की जानकारी साझा की। तिरंगे के साथ सेल्फी पहल में 250 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। एनएसडी परिसर में सामूहिक गायन और रैली निकाली गई, जिसमें लगभग 400 प्रतिभागी शामिल हुए। इसके अलावा, एनएसडी के क्षेत्रीय केंद्रों ने बाइक रैली, दीवार चित्रकारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित कीं।
साहित्य अकादमी ने तिरंगा यात्राओं, तिरंगा सेल्फी गतिविधियों, अपने परिसरों की सजावट और सामूहिक गायन के माध्यम से राष्ट्रीय समारोहों में सक्रिय भागीदारी की। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन भी किया गया, जिसमें युवाओं को इतिहास से जोड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने पर बल दिया गया।
संगीत नाटक अकादमी ने छत्तीसगढ़, बस्तर, महाराष्ट्र, गोवा और मध्य प्रदेश की लोक एवं पारंपरिक संगीत विरासत को दर्शाने वाला पांच खंडों का संगीत समारोह प्रस्तुत किया, जिसमें विविधता में एकता का संदेश दिया गया।
ललित कला अकादमी ने अपने मुख्यालय और क्षेत्रीय केंद्रों में विभिन्न कला गतिविधियों, रैलियों एवं कार्यशालाओं के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस मनाया। यहां स्कूली बच्चों, कलाकारों और स्थानीय निवासियों की हजारों की संख्या में भागीदारी रही। अहमदाबाद, कोलकाता, शिमला, लखनऊ, चेन्नई और अन्य केंद्रों में भी तिरंगा रैलियाँ, दीवार चित्रकारी, मिट्टी से कलाकृति निर्माण कार्यशालाएँ आयोजित की गईं।
कलाक्षेत्र फाउंडेशन ने अपने चारों इकाइयों में हर घर तिरंगा अभियान के तहत कई शैक्षिक, कलात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ कीं। इसमें तिरंगा बुनाई, प्राकृतिक रंगाई, कलमकारी कार्य, कठपुतली शो, फैंसी-ड्रेस प्रतियोगिताएँ और सार्वजनिक प्रदर्शनियाँ शामिल थीं।
अकादमियों के प्रयासों ने देशभर के सांस्कृतिक स्थलों पर हर घर तिरंगा की भावना को फैलाया और युवाओं को देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, इस अवसर पर 150 वर्षों के वंदे मातरम् का भी स्मरण किया गया।
इस तरह, संस्कृति मंत्रालय की विभिन्न अकादमियों ने स्वतंत्रता दिवस को देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता के लिए एक विशाल मंच बनाया।
