सीएसआईआर-मानव संसाधन विकास केंद्र (सीएसआईआर-एचआरडीसी), गाजियाबाद द्वारा सीएसआईआर-राष्ट्रीय रसायन प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनसीएल), पुणे के सहयोग से 6-7 अगस्त 2026 को सीएसआईआर-एनसीएल, पुणे में सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल के तीसरे चरण (2025-30) के प्रथम वर्ष की मॉनिटरिंग समिति के समन्वयक सम्मेलन-सह बैठक आयोजित की गई। इस दो दिवसीय सम्मेलन में पहल के प्रथम वर्ष की प्रगति की समीक्षा की गई, ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया गया और कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। डॉ. राजेश जी. गोनडे ने स्वागत भाषण दिया और सहयोग, नवाचार व कौशल विकास की महत्ता पर चर्चा की। डॉ. विनय कुमार ने 2025-26 के दौरान पहल की उल्लेखनीय प्रगति प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षित कार्यबल निर्माण के लिए राष्ट्रव्यापी कौशल विकास ईको सिस्टम के निर्माण पर जोर दिया। डॉ. अभिषेक कुमार ने नीतिगत हस्तक्षेपों और उपलब्धियों की जानकारी दी। डॉ. टी. एस. राणा ने डिजिटल-सक्षम नवाचार आधारित कौशल विकास समाधानों के प्रति सीएसआईआर की प्रतिबद्धता पर बल दिया।
इंस्टीट्यूट ऑफ पीस्टसाइड फॉर्मूलेशन टेक्नोलॉजी, गुरुग्राम के डॉ. मोहना कृष्ण रेड्डी मुदियम ने पांच प्राथमिकता स्तंभों के आधार पर मजबूत, उद्योग-संगत कौशल विकास ईको सिस्टम निर्माण की दिशा में पहल के मार्गदर्शन पर प्रकाश डाला। सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने सीएसआईआर के व्यापक प्रयोगशाला नेटवर्क और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के माध्यम से स्किल इंडिया मिशन में योगदान देने की क्षमता पर जोर दिया।
सम्मेलन के पहले दिन, 37 भागीदारी सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के कौशल नोडल समन्वयकों ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आयोजित कार्यक्रम, प्रशिक्षु आउटरीच, नवाचार, चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं शामिल थीं। निगरानी समिति के सदस्यों ने प्रगति की सराहना की और कार्यक्रम की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और दीर्घकालिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए सिफारिशें दीं।
दूसरे दिन तकनीकी सत्रों में, एलएसएसएसडीसी के उपाध्यक्ष श्री अंशूल सक्सेना ने उद्योग-अकादमिक सहयोग, रोजगार क्षमता में वृद्धि और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार कौशल विकास पर चर्चा की। इसके बाद डॉ. अभिषेक कुमार ने परियोजना योजना, बजट प्रबंधन और कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तृत सत्र प्रस्तुत किया।
अंत में, खुली चर्चा के माध्यम से कौशल नोडल अधिकारियों ने अपनी अनुभव साझा किए और पहल को और मजबूत करने के लिए सुझाव दिए। इस सम्मेलन ने सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय को सुदृढ़ किया, पहल की पहली वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की और कार्यक्रम की पहुंच, गुणवत्ता व प्रभाव को बढ़ाने के लिए रणनीतियां निर्धारित कीं। निकले सुझावों से उच्च कौशल वाले वैज्ञानिक व तकनीकी कार्यबल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।

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पीके/केसी/केएल/एनके
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)
